Sunday, October 31, 2010

क्या चल रहा है मिष्टी!!!

मिष्टी =SWEETHEART... :)

एक छोटी सी ,नन्ही कविता..

Million watts bright

My dear cutie pie,
I love you, don't I?
dad too love you so much...
i never wonder why!!

You make my days sleepy,
You awake me in night..
All my dreams have your color,
wanna imagine your first sight!!

Sometimes I glow & glorify,
other time feel low & horrify...
these are the naughty hormones,
make sometime joyous & sometime shy!!!

dad pampers me like baby,
wakes up to care in midnight,
when we three be together,
Life will be millions watt bright!!!

Friday, October 22, 2010

तुम्हारे आने से पहले...


मेरे हृदयांश!

सबको मैंने बताया है... तुम्हारे आने के बारे में..
उन सबको जो तुम्हारे लिए हमेशा शुभकामना ही करेंगे...
जब तुम आओगे, जीवन कैसा होगा ये मैं नहीं सोचना चाहती थी...
पर ज्यों ज्यों इस राह में आगे और तुम्हारे और पास पहुँच रही हूँ...
एक डोर जैसे बाँध रही है..शायद हर भय से बंधनमुक्त भी कर रही है...
जानते हों,कभी मैं बच्ची ही बनी रहना चाहती थी...
नहीं जिम्मेदारियों और गलतियों से मुंह छिपाने के लिए...
या बहुत सारा प्यार पाने के लिए...
पर अब लगता है,प्यार देने में भी बहुत आनंद है!!!

माँ... ये कभी इतना मीठा ना था!!
बच्चे तो हमेशा से प्यारे लगते थे...
पर शिशु को देख मेरी आंखें ऐसी कभी ना भरी थी..
जैसी अब भर जातीं हैं...
मैं बदल रही हूँ..मन से,ह्रदय से,आत्मा से!
तुम्हारे सृजन से मेरा नवसृजन हों रहा है..
तुम मेरे जीवन के सूर्य की आहना हो..
परमेश्वर से तुम्हारी कुशलता के लिए...
उनकी छाया तुम पर बनी रहे...
मेरी उपस्थिति और अनुपस्थिति दोनों में ही..


सदा तुम्हारी ही...
माँ